Sunday, February 19, 2012

बेच दे बेटा हिंदुस्तान

बेच दे बेटा हिंदुस्तान, बेच दे बेटा हिंदुस्तान
बेच दे बेटा हिंदुस्तान, हो जा जल्दी से धनवान।

वह जो बाज सुनाते है मुफ्त भला कब आते हैं
झूम-झूम कर पंडित जी पैसे के गुण गाते है
पहले पैसा फिर भगवान बेच दे बेटा हिंदुस्तान॥

दौलत ही से इज्जत है दौलत ही से सोहरत है
काम किये जा नीच से नीच , तेरे पास तो दौलत है
कर ले पूरा हर अरमान , बेच दे बेटा हिंदुस्तान॥

बेटा हो या अपना बाप, तौल में दे कम ही नाप
मुरख इसकी चिंता छोड़, कट जाये सब सारा पाप
कर ले बस गंगा अस्नान, बेच दे बेटा हिंदुस्तान॥

नकली में असली को फेट बिक्री कर मनमानी रेट
चोरी कर ले इनकम टैक्स , बहर ले काले धन से पेट
हो जा भारत का कल्याण , बेच दे बेटा हिंदुस्तान॥

डिग्री को करके पामाल, बढ़ आगे बन्दुक सम्हाल,
मुरख इसकी चिंता छोड़ , पढ़ लिख कर चल डाका डाल,
बन जा फूलन और मलखान , बेच दे बेटा हिंदुस्तान॥

चेक पे रकमे भरना सिख , जाली शाइन करना सिख
गौतम बनके जल फेंक , जेल में जीना मरना सिख
नटवर के तू काट ले कान, बेच दे बेटा हिंदुस्तान ॥

लेले लाल किले का दाम, कर दे ताजमहल नीलाम
पैसे उगले चार मीनार, उसके उपर कर एक काम
लिखवादे ''मेड इन जापान'' बेच दे बेटा हिंदुस्तान॥

Saturday, June 11, 2011

आज की आवाज

आज की आवाज सुन ऐ इन्सान
वक्त कहता है वक्त को पहचान ,
जिंदगी मुस्किल मौत है आसान
जिंदगी अपनी बे हिफाजत है
कल भी आएगा रख लो इसको ध्यान
वक्त कहता है वक्त को पहचान ................

Friday, August 27, 2010

ऐ चाँद आसमा के .......

ऐ चाँद आसमां के क्यों तू इतना दूर है ,

मै तुमसे मिलना चाहता हूँ
पर ऐ दिल मजबूर है
अपलक निहारता हूँ वह मोहनी सूरत तेरी
क्या कुछ भी तरस आती नहीं
यह देखकर हालत मेरी ,

इस अखंड चितवन में मै चकोर बन गया हूँ
लखी कलि बिंदियो का मोर बन गया हूँ
बिरही के जख्म आखो का कोर बन गया हूँ
तेरे बिरह में पापिन कमजोर बन गया हूँ ,

मै पता लगाया अख़बार से गगन से
वे बेबसी सुनाकर आसा को तज रहे थे
कह रहे थे, ऐ कवी बिचारे
अब छोड़ दो तू जीना उस चाँद के सहारे

रह नहीं गई वह पबित्रता किरण में
चाँद सर्र्म खाता है महफिले गगन में
क्योंकि लोग उस पर चढ़ने उतरने लगे हैं.........................


दानवीर गौतम

Thursday, August 26, 2010

बसंत ................

हे बसंत राउर बंदन बा
राउर सत -सत अभिनन्दन बा
बाकि कैसे खुसी मनाई
चारो ओर करुड -क्रंदन बा ,
शुभाष भगत सिंह क देश प्रेम
अब भरसाई में झोक गइल बा
सत्य अहिंसा गाँधी के छाती में छूरी भोक गइल बा
मद्द- पान ब्याभिचार-घोटाला
देश-भक्त के मनोरंजन बा ,हे ........
गली गली बारूद बिछल बा
बम क धुआ आकासे बा
उग्राबाद के डंका बजल
बिप्पल होत कुलासे बा ,हे .........
इमान बिकत बा धर्म बिकत
लास से लेके कफ़न बिकत बा
जालिम पेट भरे के खातिन
देखा नाजुक बदन बिकत बा , हे .........
कवी के इहे बुझाला केहू के ना
कौनो बंधन बा हे ........बसंत..........


दानवीर गौतम

Saturday, April 17, 2010

GAUTAM

मै दानवीर गौतम
भारत एक ऐसा देश है जिसकी तुलना किसी और देश से नहीं किया जा सकता है।

'' आँख देखैबा कदम बढैबा बात कहिला साची, जेवन तमाचा मारब अबकी आंख निकल के नाची
ना जनला इ खुद्दी-बिस्मिल भगत सिंह के माई ह, हिन्दू , मुस्लिम , सिक्ख ,ईसाई सब उन्ही कभाई है
भारत के कड़ -कड़ मै बीर अब्बदुल हामिद सामिल है
भाग के जान बाचाला ना ता फारब तुहार छाती जेवन .............